
बुधवार तड़के भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर एक सटीक और समन्वित हमला किया। सेना के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल 25 मिनट में पूरी कर ली गई, जिसमें वायुसेना, नौसेना और थल सेना की विशेष इकाइयों ने हिस्सा लिया।
यह हमला 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, हमले के निशाने पर जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के ट्रेनिंग सेंटर और लॉन्च पैड थे, जो लंबे समय से भारत में आतंक फैलाने के लिए कुख्यात रहे हैं।
प्रमुख लक्ष्य और असर
इस ऑपरेशन में जिन स्थानों को निशाना बनाया गया, उनमें बहावलपुर (जहां जैश का मुख्यालय माना जाता है), मुरीदके (लश्कर का गढ़), और पीओके के सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं। बहावलपुर और मुरीदके में 25–30 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। इन स्थानों पर लंबे समय से आतंकी गतिविधियाँ चलने की सूचनाएँ मिल रही थीं, जिन पर पाकिस्तान की सरकार ने कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
सरकार की प्रतिक्रिया और रणनीतिक दृष्टिकोण
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह हमला पूरी तरह से सटीक, सीमित और विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया। इसका उद्देश्य केवल आतंकवादी ढांचे को खत्म करना था, न कि किसी आम नागरिक को नुकसान पहुँचाना। इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत अब सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और त्वरित कार्रवाई की नीति अपना चुका है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
फिलहाल पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव की स्थिति बढ़ने की खबरें हैं। भारत ने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को इस ऑपरेशन की जानकारी दे दी है और यह स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा के तहत की गई है।